Wednesday, 22 June 2011

दूर तक चमकती है..........




जैसे  एक छोटे से दीपक की  रौशनी  

बहुत दूर तक फैलती है 

उसी प्रकार  

इस बुरे संसार में  छोटी सी भलाई भी दूर तक चमकती है 

-शेक्सपियर 

 

Tuesday, 21 June 2011

पंखों में ढाल लिया है...............





जीवन 

सांसों से ही नहीं, सपनों से भी चलता है 


सपना 

आँखों में ही नहीं,  हृदय में भी पलता है 


मैंने पाला है 

सपनों को 

ऐसे 

जैसे 

कोई हंस पाल लिया है 


यानी 

उड़ान के लिए 

अस्तित्व को

पंखों में ढाल लिया है 


- पूजा  भक्कड़